कुबेर के खजाने में नहीं ये एक निधि, सिर्फ हनुमान के पास है नौवां खजाना

इसका मतलब हनुमान जी के पास नवनिधि और भगवान कुबेर के पास अष्टनिधि हैं. दोनों का संबंध धन, संपदा और ऐश्वर्य से है. लेकिन इनके अर्थ और आध्यात्मिक भाव में अंतर है. हनुमान जी को केवल बल और भक्ति का ही नहीं, बल्कि समस्त प्रकार की संपदा का अधिकारी भी माना गया है.

कुबेर के खजाने में नहीं ये एक निधि, सिर्फ हनुमान के पास है नौवां खजाना
इसका मतलब हनुमान जी के पास नवनिधि और भगवान कुबेर के पास अष्टनिधि हैं. दोनों का संबंध धन, संपदा और ऐश्वर्य से है. लेकिन इनके अर्थ और आध्यात्मिक भाव में अंतर है. हनुमान जी को केवल बल और भक्ति का ही नहीं, बल्कि समस्त प्रकार की संपदा का अधिकारी भी माना गया है.