टनल हादसे के हो गए 75 घंटे से अधिक, रेस्क्यू टीम को अब तक नहीं मिली सफलता

टनल के अंदर 75 घंटे से ज्यादा 40 जिंदगी फंसी हुई है ऐसे में एक नई ड्रिल मशीन लाई जा रही है इस मशीन से टनल के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए ड्रिल किया जाएगा और स्टील के पाइप को अंदर भेजा जाएगा. पुरानी ड्रिल मशीन से ड्रिलिंग कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि इसमें समय लग रहा था और मशीन काफी पुरानी थी. 

टनल हादसे के हो गए 75 घंटे से अधिक, रेस्क्यू टीम को अब तक नहीं मिली सफलता
टनल के अंदर 75 घंटे से ज्यादा 40 जिंदगी फंसी हुई है ऐसे में एक नई ड्रिल मशीन लाई जा रही है इस मशीन से टनल के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए ड्रिल किया जाएगा और स्टील के पाइप को अंदर भेजा जाएगा. पुरानी ड्रिल मशीन से ड्रिलिंग कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि इसमें समय लग रहा था और मशीन काफी पुरानी थी.