जोधपुर कचहरी में होती है न्‍याय के देवता सर प्रताप सिंह की पूजा, जानिए क्‍या है मान्‍यता 

जोधपुर कचहरी में सर प्रताप सिंह की पूजा होती है. यह अंग्रेजों के जमाने में भारतीय फौज में अफसर थे. उन्‍होंने कई जंगों में हिस्‍सा लिया और बाद में जोधपुर राजघराने के प्रधानमंत्री बने. इन्‍होंने जोधपुर में कचहरी लगवाई और इन्‍हें यहां पर न्‍याय का देवता कहा जाता है. लोग मानते हैं कि अगर कोई फाइल अटकी पड़ी हो और किसी मामले में फैसला नहीं आ रहा हो तो सर प्रताप सिंह की प्रतिमा के सामने वो फाइल रखने से  मामला जल्‍द निपट जाता है.   

जोधपुर कचहरी में होती है न्‍याय के देवता सर प्रताप सिंह की पूजा, जानिए क्‍या है मान्‍यता 
जोधपुर कचहरी में सर प्रताप सिंह की पूजा होती है. यह अंग्रेजों के जमाने में भारतीय फौज में अफसर थे. उन्‍होंने कई जंगों में हिस्‍सा लिया और बाद में जोधपुर राजघराने के प्रधानमंत्री बने. इन्‍होंने जोधपुर में कचहरी लगवाई और इन्‍हें यहां पर न्‍याय का देवता कहा जाता है. लोग मानते हैं कि अगर कोई फाइल अटकी पड़ी हो और किसी मामले में फैसला नहीं आ रहा हो तो सर प्रताप सिंह की प्रतिमा के सामने वो फाइल रखने से  मामला जल्‍द निपट जाता है.